Lal Kitab Planets
नौ लाल किताब ग्रहों का अवलोकन, प्रत्येक पारंपरिक रूप से क्या दर्शाता है, और गृह संबंधों और पारंपरिक उपचारों के साथ विस्तृत पृष्ठों के लिंक।
संक्षिप्त उत्तर
लाल किताब में नौ ग्रहों का उपयोग किया गया है - सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु - प्रत्येक ग्रह रिश्तेदारों, व्यवसायों, सामग्रियों और जीवन के क्षेत्रों को कवर करने वाले ठोस महत्व से जुड़ा है।
ग्रहों का उपयोग कैसे किया जाता है
प्रत्येक ग्रह मूर्त चीज़ों के समूह का प्रतीक है। उन्हीं के माध्यम से उपचार कार्य करते हैं महत्व, यही कारण है कि शनि उपाय में आमतौर पर लोहा, तेल, सेवा या शामिल होता है श्रमिक, जबकि चंद्रमा के उपाय में पानी, दूध, चांदी या मां शामिल होती है।
नौ ग्रह एक नजर में
| ग्रह | वर्ग | पारंपरिक कारकत्व |
|---|---|---|
| सूर्य (Surya) | Luminary | अधिकार, पिता, प्रतिष्ठा, जीवनशक्ति, शासन |
| चंद्र (Chandra) | Luminary | मन, माता, भावनाएँ, जल, सुख |
| मंगल (Mangal) | Malefic (traditional) | ऊर्जा, साहस, भाई-बहन, भूमि, विवाद |
| बुध (Budh) | Benefic (traditional) | बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा |
| गुरु (Guru) | Benefic (traditional) | ज्ञान, गुरु, धर्म, विस्तार |
| शुक्र (Shukra) | Benefic (traditional) | विवाह, सुख, कला, वाहन |
| शनि (Shani) | Malefic (traditional) | अनुशासन, परिश्रम, विलंब, सेवा |
| राहु (Rahu) | Shadow planet | महत्वाकांक्षा, अचानक परिवर्तन, विदेश |
| केतु (Ketu) | Shadow planet | वैराग्य, अध्यात्म, संतान, अचानक अंत |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लाल किताब में कितने ग्रह हैं?
नौ: सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु।
क्या राहु और केतु असली ग्रह हैं?
वे भौतिक पिंडों के बजाय चंद्र नोड्स हैं, लेकिन उन्हें पारंपरिक रीडिंग में पूर्ण भागीदार माना जाता है।